असली मर्द

By | 20th February 2019

अरब देश की बात है| एक राजा था| उसके बड़े-ठाठ-बाट थे| उसके पास किसी चीज की कमी न थी|

 

एक दिन वह राजा लड़ाई पर गया| उसके पास खाने-पीने का सामन इतना था कि उसे लादने के लिए तीन सौ ऊंटों की जरूरत पड़ी|

 

दुर्भाग्य से वह दुश्मन से हार गया और बंदी बना लिया गया| उसके पास उसका रसोइया खड़ा था|

 

राजा ने कहा – “मुझे भूख लगी है| कुछ खाने को तैयार कर दो|”

 

रसोइए के पास मांस का एक टुकड़ा बचा था| उसने उसे देगची में डालकर उबलने को रख दिया| कहीं कुछ साग-सब्जी मिल जाए तो अच्छा होगा, यह सोचकर वह खोज में निकल पड़ा|

 

इतने में एक कुत्ता वहां आया| मांस की गंध से उसने अपना मुंह देगची में डाल दिया| संयोग से देगची में उसका मुंह अटक गया|

 

उसने मुंह निकालने की बहुत कोशिश की| जब मुंह न निकला तो देगची को लेकर ही वह वहां से भागा|

 

राजा ने वह दृश्य देखा तो जोर से हंस पड़ा| पास में एक संतरी खड़ा था| उसने राजा की हंसी सुनी तो उसे बड़ा अचरज हुआ| उसने कहा – “आप इतनी मुसीबत में हैं तब भी हंस रहे हैं| क्या बात है?”

 

राजा ने जवाब दिया – “मुझे यह सोचकर हंसी आ रही है कि कल तक मेरे रसोई के सामान को ले जाने के लिए तीन सौ ऊंटों की जरूरत होती थी, अब उसके लिए एक कुत्ता ही काफी है|”

 

किसी ने ठीक ही कहा है कि सुख में तो सभी खुश रहते हैं, लेकिन असली मर्द तो वह है जो मुसीबत में भी हंस सके|

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *