जीवन से मत भागो, जिओ उद्देश्य के लिए

By | 17th February 2019

लोकतंत्र के महान समर्थक अब्राहम लिंकन एक बार अपने गांव के नजदीक एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। भाषण के बीच एक महिला खड़ी होकर बोली – ‘अरे, यह राष्ट्रपति है? यह तो हमारे गांव के मोची का लड़का है।’

अपने प्रति ये अपमानजनक शब्द सुनकर लिंकन ने बड़े ही विनम्र शब्दों में उस महिला से कहा, ‘मैडम! टापने बहुत अच्छा किया जो उपस्थ्ति जनता से मेरा यथार्थ परिचय करा दिया, मैं वही मोची का बेटा हूँ। क्या मैं आपसे एक बात पूछ सकता हूँ? ‘अवश्य’, उस महिला ने कहा। तब लिंकन ने पूछा – ‘क्या आप यह बताने का कष्ट करेंगी कि मेरे पिताजी ने आपके जूते आदि तो ठीक तरह से मरम्मत किए थे न? आपको उनके कार्य में कोई शिकायत तो नहीं मिली।’

 

उस महिला ने सफाई देते हुए कहा – ‘नहीं, नहीं, उनके कार्य में कोई शिकायत नहीं मिली। वे अपना काम बड़ी अच्छी तरह करते थे।’

ब लिंकन ने उत्तर दिया, ‘मैडम! जिस प्रकार मेरे मोची पिता ने अपने कार्य में आपको कोई शिकायत का मौका नहीं दिया, उसी प्रकार मैं भी आपको आश्वस्त करता हूँ कि आपने मुझे राष्ट्रपति के रूप में सेवा करने का जो मौका दिया है, उसे मैं बड़ी ही कुशलता से करूंगा और यह मेरी कोशिश रहेगी कि मेरे काम में आपको कोई शिकायत का मौका न मिले।’

 

यह है अमरीकी इतिहास के सर्वाधिक सफल राष्ट्रपति लिंकन की विनम्रता का उदाहरण, जिन्हें आज भी बड़ी श्रद्धा एवं आदर के साथ स्मरण किया जाता है।

उक्त उदाहरण का विश्लेषण कर हम यह कह सकते हैं कि विनम्रता-

आत्म-सम्मान (यानी ऊँचे स्वाभिमान) का एक विशेष गुण है।

व्यक्ति की महानता को दर्शाती है।

एक पॉजिटिव पर्सनेलिटी ही सारी खूबियों की बुनियाद है।

मनुष्य को उदारचित बनाती है।

परोपकार की भावना प्रदान करती है।

धैर्यवान व संयमी बनाती है और

सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है।

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