Category Archives: नैतिक कहानियाँ

एक किसान और पंख

एक बार एक किसान ने अपने पडोसी को बहुत बुरा भला कह दिया | लेकिन बाद में उसे अपनी गलती का अहसास हुआ तो वो पश्चाताप के लिए एक संत के पास गया | उसने जाकर संत से अपने शब्द वापिस लेने का उपाय पूछा ताकि उसने मन का बोझ कुछ कम हो सके |… Read More »

लल्लू को मिला सबक

वर्षो पहले अनुपुर में धनीराम नाम का एक व्यापारी रहा करता था । उसके पास एक गधा था । वह उसे लल्लू के नाम से पुकारा करता था । धनीराम रोज के बोरी नमक की गधे पर लादकर शहर को ले जाया करता था । शहर जाने के लिए उसे नदी पार करनी होती थी… Read More »

रंग का राज

एक बार बीरबल बादशाह अकबर के दरबार में देरी से पहुंचे तो क्या देखते है कि बादशाह समेत सभी दरबारी उन पर हंस रहे है । उन्होंने ने बादशाह से पूछा कि ” बादशाह सलामत आप सभी हंस क्यों रहे है ?” इस पर बादशाह को मसखरी सूझी और वो बीरबल से कहने लगे बीरबल… Read More »

संघर्ष के बीज

किसी गाँव में एक धर्मपरायण किसान रहा करता था । उसकी फसल अक्सर खराब हो जाया करती थी । कभी बाढ़ आ जाया करती थी तो कभी सूखे की वजह से उसकी फसल बर्बाद हो जाया करती । कभी गर्मी बेहद होती तो कभी ठण्ड इतनी होती कि वो बेचारा कभी भी अपनी फसल को… Read More »

झूट और सच

किसी गाँव में मित्र शर्मा नामक एक ब्राह्मण रहता था । एक बार वह अपने यजमान से एक बकरा दान में पाकर अपने घर को जा रहा था रास्ता लम्बा और सुनसान था । थोड़ी दूर आगे जाने पर रास्ते में उसे तीन ठग मिले । ब्राह्मण के कंधे पर बकरे को देखकर तीनो ने… Read More »

दुष्टता का फल

कंचनपुर के एक धनी व्यापारी के घर में रसोई में एक कबूतर ने घोंसला बना रखा था । किसी दिन एक लालची कौवा जो है वो उधर से आ निकला । वंहा मछली को देखकर उसके मुह में पानी आ गया । तब उसके मन में विचार आया कि मुझे इस रसोघर में घुसना चाहिए… Read More »

अफलातून की सीख

यूनानी दार्शनिक अफलातून के पास हर दिन कई विद्वानों का जमावड़ा लगा रहता था । सभी लोग उनसे कुछ न कुछ ज्ञान प्राप्त करके ही जाया करते थे । लेकिन स्वयं अफलातून खुद को कभी ज्ञानी नहीं मानते थे क्योंकि उनका मानना था कि इन्सान कभी भी ज्ञानी केसे हो सकता है जबकि हमेशा वो… Read More »

कैसे हुए कौवे काले

एक बार की बात है । एक ऋषि ने एक कौवे को अमृत की तलाश में भेजा लेकिन कौवे को ये चेतावनी भी दी कि केवल अमृत के बारे में पता करना है उसे पीना नहीं है अन्यथा तुम इसका कुफल भोगोगे । कौवे ने हामी भर दी और उसके बाद सफेद कौवे ने ऋषि… Read More »

विद्या का सदुपयोग

एक व्यक्ति पशु पक्षियों का व्यापार किया करता था | एक दिन उसे पता लगा कि उसके गुरु को पशु पक्षियों की बोली की समझ है | उसके मन में ये ख्याल आया कि कितना अच्छा हो अगर ये विद्या उसे भी मिल जाये तो उसके लिए भी यह फायदेमंद हो | वह पहुँच गया… Read More »

नागरिक का फर्ज

एक बार की बात है चीन के महान दार्शनिक कन्फ्यूशियस अपने चेलो के साथ एक पहाड़ी से गुजर रहे थे । थोड़ी दूर चलने के बाद वो एक जगह अचानक रुक गये और कन्फ्यूशियस बोले ” कंही कोई रो रहा है ” वो आवाज को लक्ष्य करके उस और बढ़ने लगे । शिष्य भी पीछे… Read More »