Category Archives: शेख चिल्ली की कहानी

सड़क यही रहती है

एक दिन शेखचिल्ली कुछ लड़कों के साथ, अपने कस्बे के बाहर एक पुलिया पर बैठा था। तभी एक सज्जन शहर से आए और लड़कों से पूछने लगे, ‘क्यों भाई, शेख साहब के घर को कौन-सी सड़क गई है?’ शेखचिल्ली के पिता को सब ‘शेख साहब’ कहते थे। उस गाँव में वैसे तो बहुत से शेख… Read More »

शाही हुक्का

हाफिज नूरानी, शेखचिल्ली के पुराने दोस्त थे। नारनौल में उनका कारोबार था। बीवी थी नहीं। बड़ी हवेली में बेटे और बहू के साथ रहते थे। बेटे को दूल्हा बने सात बरस बीत चुके और बहू की गोद न भरी, तो हाफिज साहब को फिक्र हुई कि या खुदा, खानदान का नाम आगे कैसे चलेगा? उन्होंने… Read More »

शेखचिल्ली का नुकसान

एक दिन शेखचिल्ली की अम्मी ने उससे कहा, ‘बेटे, अब तुम जवान हो गए हो। अब तुम्हें कुछ काम-काज करना चाहिए।’ ‘क्या काम करूँ?’ शेखचिल्ली ने पूछा। ‘कोई भी काम करो।’   ‘मेरी तो समझ में नहीं आता, अम्मी कि मैं क्या काम करूँ? मैं तो किसी तरह की दस्तकारी भी नहीं जानता।’ ‘बेटे, तुम्हारे… Read More »

शेखचिल्ली और कुत्ते

जनाब शेखचिल्ली दुनिया में सिर्फ दो चीजों से डरते थे। घर में अपनी बीवी से और बाहर कुत्तों से। सो वह घर में बीवी और बाहर कुत्तों से ज़रा बचकर ही रहते। क्योंकि उन्होंने भी सुन रखा था कि भौंकने वाले कुत्ते काटते नहीं, लेकिन इस अफवाह पर उन्हें यकीन नहीं था। उन्हें यह भी… Read More »

शेखचिल्ली ससुराल में

शेखचिल्ली नाम का एक लड़का रहता था। उसकी माँ बहुत गरीब थी। शेखचिल्ली का पिता मर चूका था। उसकी माँ बेचारी किसी तरह शेखचिल्ली को पालती-पोसती थी। शेखचिल्ली स्वभाव से नटखट तो था ही, साथ ही वह बेवक़ूफ़ भी था। उसकी बेवकूफी के कारण उसकी माँ को बहुत से उलाहने सुनने पड़ते थे। अंत में… Read More »

शेखचिल्ली के खुरपा को बुखार

शेखचिल्ली रोज जंगल में घास खोदने जाया करता था। एक दिन जब वह घास खोदकर घर लौटा तो अचानक उसे ध्यान आया कि उसका खुरपा तो जंगल में ही रह गया है। वह खुरपा लेने तुरंत जगंल की ओर चल दिया। तेज धूप के कारण खुरपा बहुत गरम हो गया था। जैसे ही शेखचिल्ली ने… Read More »

प्यार ही खुदा है

एक दिन शेखजी अपनी अम्मी के साथ बैठकर खाना खा रहे थे । अम्मी ने शेख को दूध दिया । दूध देखकर शेखजी ने अम्मी से पूछा – “अम्मी जान दूध सफ़ेद क्यूँ होता है ?” “अल्लाह ने बनाया है बेटा।” अम्मी ने कहा । “सफ़ेद ही क्यों बनाया है ?” “क्योंकि अल्लाह की दाढ़ी… Read More »

शेख चिल्ली ‍की चिट्‍ठी

तुमने मियाँ शेख चिल्ली का नाम सुना होगा। वही शेख चिल्ली जो अकल के पीछे लाठी लिए घूमते थे। उन्हीं का एक और कारनामा तुम्हें सुनाएँ। मियाँ शेख चिल्ली के भाई दूर किसी शहर में बसते थे। किसी ने शेख चिल्ली को बीमार होने की खबर दी तो उनकी खैरियत जानने के लिए शेख ने… Read More »

लम्बी दाढ़ी वाले बेवकूफ

शेखजी ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे लेकिन पुस्तकें पढने का उन्हें बड़ा शौक था । एक दिन शेखजी कोई पुस्तक पढ़ रहे थे । तभी उनकी निगाह एक जगह लिखे कुछ अक्षरों पर पड़ी । लिखा था – ‘लम्बी दाढ़ी वाले मूर्ख होते हैं ।’ यह वाक्य पढ़ते ही शेखजी का हाथ तुरंत अपनी दाढ़ी… Read More »

शेखचिल्ली रेलगाड़ी में

शेखजी ने बहुत सी नौकरियां की लेकिन उनका दिल नौकरी में नहीं लगता था । एकदिन उन्होंने मुंबई जाने की सोची , नौकरी करने के लिए नहीं, बल्कि हीरो बन्ने के लिए । वह सोचने लगे – ‘कलाकार तो वह है ही, उसे फिल्मो में मौका भी मिल सकता है। एक बार फिल्मों में आ… Read More »